उत्तराखंड में 1 जुलाई से स्कूलों का नया टाइम टेबल लागू, शिक्षा विभाग ने जारी किए संशोधित आदेश

देहरादून। उत्तराखंड में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद बुधवार, 1 जुलाई 2026 से प्रदेशभर के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय फिर से खुलने जा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के संचालन समय में संशोधन करते हुए नई समय-सारिणी लागू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यालयों को संशोधित आदेश का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार ग्रीष्मकाल और शीतकाल के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। ग्रीष्मकालीन सत्र में विद्यालयों की प्रार्थना सभा सुबह 7:15 बजे शुरू होगी और विद्यालय की छुट्टी दोपहर 1:00 बजे होगी। वहीं, शीतकालीन सत्र में प्रार्थना सभा का समय सुबह 8:45 बजे तथा छुट्टी दोपहर 3:10 बजे निर्धारित की गई है। प्रार्थना सभा के बाद निर्धारित समयानुसार नियमित कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों की भौगोलिक स्थिति या स्थानीय परिस्थितियां निर्धारित समय के अनुरूप संचालन में बाधा बनती हैं, वहां के प्रधानाचार्य समय परिवर्तन का प्रस्ताव जिला स्तर पर भेज सकेंगे। ऐसे मामलों में जिला स्तरीय समिति परिस्थितियों का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लेगी।
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में साफ किया है कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों की शिक्षण अवधि में कोई कटौती नहीं की जाएगी। यदि स्थानीय स्तर पर विद्यालय के संचालन समय में बदलाव किया जाता है, तो भी पढ़ाई की कुल अवधि पूर्व निर्धारित समय के अनुसार पूरी कराई जाएगी।
विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों को नई समय-सारिणी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त तथा निजी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगी।
*मुख्य बिंदु*
– 1 जुलाई 2026 से प्रदेशभर के स्कूल खुलेंगे।
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– ग्रीष्मकाल में प्रार्थना सुबह 7:15 बजे, छुट्टी दोपहर 1:00 बजे।
– शीतकाल में प्रार्थना सुबह 8:45 बजे, छुट्टी दोपहर 3:10 बजे।
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– स्थानीय परिस्थितियों में समय परिवर्तन की अनुमति, लेकिन जिला समिति की मंजूरी जरूरी।
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– विद्यार्थियों की पढ़ाई की अवधि में किसी प्रकार की नहीं होगी।
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– आदेश सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों पर लागू होगा
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