उत्तराखंड में बारिश का कहर: स्कूल बंद, हाईवे प्रभावित,प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट।

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही भूस्खलन, चट्टान गिरने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी है। विभाग का अनुमान है कि 14 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा।
कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश और संभावित आपदा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अल्मोड़ा, देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी बच्चों को घरों में सुरक्षित रखने की अपील की है।
मसूरी में गिरा 100 साल पुराना विशाल पेड़, बड़ा हादसा टला
लगातार बारिश के चलते मसूरी के अपर माल रोड स्थित बेकरी हिल के पास करीब 100 वर्ष पुराना विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में एक कार और तीन स्कूटी आ गईं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय किसी भी वाहन में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को हटाकर सड़क पर यातायात सुचारु कराया गया।
उत्तरकाशी में भूस्खलन से हाईवे प्रभावित
लगातार बारिश का असर उत्तरकाशी जिले में भी देखने को मिला। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी के पास भूस्खलन और मलबा आने से कुछ समय के लिए बंद हो गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया।
वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास भी भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हुआ। सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है ताकि यात्रियों को जल्द राहत मिल सके।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिले में हाई अलर्ट घोषित करते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पहले से ही जेसीबी मशीनें, राहत एवं बचाव दल तथा आवश्यक संसाधन तैनात कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
लोगों से प्रशासन की अपील
राज्य प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों एवं चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
बारिश के लगातार जारी रहने के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।


