देहरादून: बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में सिर्फ निजी सचिव पर कार्रवाई ‘औपचारिकता’, AAP ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

देहरादून। बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने उत्तराखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा कि पूरे मामले में केवल निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर कार्रवाई करना महज औपचारिकता है और सरकार एक कर्मचारी को “बलि का बकरा” बनाकर वास्तविक जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश कर रही है।

आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे की सुरक्षा, दानपात्रों की निगरानी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की व्यवस्था सीधे सरकार के अधीन है। ऐसे में केवल एक निजी सचिव को निलंबित कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे की चोरी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी केवल एक कर्मचारी की नहीं, बल्कि मंदिर समिति के अधिकारियों, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और पूरे सुरक्षा तंत्र की भी तय होनी चाहिए। उनके अनुसार दानपात्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी जैसे कई स्तरों पर जवाबदेही बनती है।
उमा गौड़ सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक इस मामले में न तो एसआईटी का गठन किया गया है और न ही एफआईआर दर्ज की गई है। केवल विभागीय कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले तीन वर्षों में बद्रीनाथ धाम में प्राप्त चढ़ावे की कुल राशि कितनी रही, उसका उपयोग कहां हुआ और उसका ऑडिट सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उनका कहना था कि सरकार वीआईपी व्यवस्थाओं पर लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन भगवान के दानपात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकी।
AAP प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार धामों को कॉरिडोर परियोजनाओं के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि पहले अव्यवस्था और फिर निजीकरण का रास्ता बनाया जा रहा है।
AAP की प्रमुख मांगें
– पूरे मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में SIT से जांच कराई जाए।
– BKTC के CEO, संबंधित मंदिर अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
– बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे और उसके उपयोग का सार्वजनिक ऑडिट कराया जाए।
(नोट: यह बयान आम आदमी पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। मामले में सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)



