देहरादून: निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कार्यालय में तोड़फोड़ और मारपीट मामले में हिस्ट्रीशीटर सहित 4 गिरफ्तार

देहरादून।
राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र स्थित ननूरखेड़ा में प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय कार्यालय में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ की सनसनीखेज घटना में दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर समेत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
*क्या है पूरा मामला*?
दिनांक 21 फरवरी 2026 को रायपुर क्षेत्र के ननूरखेड़ा स्थित प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय में एक प्रकरण को लेकर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काउ अपने समर्थकों के साथ निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा से वार्ता करने पहुंचे थे।
वार्ता के दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ व्यक्तियों द्वारा कार्यालय में अराजकता फैलाते हुए कुर्सियां व अन्य सामान फेंककर तोड़फोड़ की गई। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों को चोटें भी आईं।
*दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज*
घटना के संबंध में निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0-80/26 दर्ज किया गया है। इसमें बीएनएस की धाराएं —
121(1) – लोक सेवक के कार्य में बाधा व चोट पहुंचाना
191(2) – बलवा
324(3) – संपत्ति को नुकसान
351(3) – जान से मारने की धमकी
352 – गाली-गलौच
शामिल की गई हैं।
इसके अतिरिक्त विधायक की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला की तहरीर पर मु0अ0सं0-81/26 के तहत धारा 115(2), 127(2), 131 और 352 बीएनएस में भी मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
* पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
* गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
अरविन्द पुण्डीर उर्फ कल्ली, निवासी नूनरखेड़ा, थाना रायपुर (हिस्ट्रीशीटर)
लक्ष्मण नवानी, निवासी शिवलोक कॉलोनी, लाडपुर, थाना रायपुर
राकेश थपलियाल, निवासी तपोवन रोड, लाडपुर, थाना रायपुर
अक्षय राणा, निवासी सौंधोवाली, थाना रायपुर
*आगे की कार्रवाई*
पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
इस घटना ने राजधानी में प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सरकारी कार्यालय में इस तरह की अराजकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।






