दिवाली के बाद हवा में घुला धुआं: उत्तराखंड के कई शहरों में बढ़ा प्रदूषण स्तर, देहरादून और हल्द्वानी में AQI 200 के पार

देहरादून।
दीपावली के दीयों की रौशनी अब फीकी पड़ चुकी है, लेकिन त्योहार की रात जलाए गए पटाखों और धुएं का असर अब उत्तराखंड की हवा में घुल चुका है। पर्व बीते कई दिन हो गए हैं, मगर प्रदेश के कई मैदानी इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है।

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून, रूड़की, हल्द्वानी और काशीपुर जैसे मैदानी शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 101 से 200 के बीच दर्ज किया गया है, जो ‘मध्यम श्रेणी’ में आता है और प्रदूषण में स्पष्ट वृद्धि को दर्शाता है।
वहीं, ऋषिकेश, टिहरी और पौड़ी जैसे पहाड़ी शहरों में AQI 50 से 100 के बीच रहा, जिसे ‘संतोषजनक श्रेणी’ में रखा गया है। यानी ऊंचाई वाले इलाकों में हवा अभी भी सांस लेने लायक है, जबकि मैदानी हिस्सों में स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ रही है।
बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि दीपावली के दौरान पटाखों से निकले धुएं और वाहनों की बढ़ी आवाजाही ने वातावरण में सूक्ष्म कणों (PM10 और PM2.5) की मात्रा बढ़ा दी है। इसके अलावा मौसम में नमी और ठंड बढ़ने के कारण प्रदूषक तत्व हवा में जमने लगे हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में और गिरावट दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी:
पर्यावरण विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगर जल्द ही बारिश या ठंडी हवाएं नहीं चलीं, तो आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और गिर सकती है। यह स्थिति बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन संबंधी मरीजों के लिए विशेष रूप से हानिकारक साबित हो सकती है।
लोगों से अपील:
बोर्ड ने आम जनता से अपील की है कि अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें, खुले में कचरा न जलाएं और पौधारोपण जैसे छोटे-छोटे कदम उठाकर प्रदूषण नियंत्रण में भागीदार बनें।








