आईटीबीपी की 34वीं वाहिनी में आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल, शौर्य कमांडो टीम ने दिखाई दमदार रणनीति

नैनीताल।

जनपद नैनीताल के हल्दूचौड़ स्थित 34वीं वाहिनी आईटीबीपी परिसर में आतंकवादी हमले जैसी संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को परखने के लिए व्यापक आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का नेतृत्व 34वीं वाहिनी के सेनानी अनिल सिंह बिष्ट ने किया। मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, रणनीतिक समन्वय और संकट प्रबंधन कौशल का परीक्षण किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें आतंकवादियों द्वारा वाहिनी परिसर के चिकित्सालय क्षेत्र पर हमला कर चिकित्सक समेत कुछ लोगों को बंधक बना लिया गया। इस सूचना के मिलते ही क्षेत्रीय स्तर की शौर्य कमांडो टीम तुरंत सक्रिय हुई और पूरे क्षेत्र को घेरते हुए सुनियोजित रणनीति के तहत बचाव अभियान शुरू किया। कमांडो टीम ने बेहद सूझबूझ, साहस और संयम का परिचय देते हुए बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ ही आतंकियों को निष्क्रिय करने की कार्रवाई का सफल प्रदर्शन किया।
अभ्यास के दौरान एयर रेड वार्निंग सायरन बजाकर आपातकालीन स्थिति का संकेत दिया गया, जिसके बाद पूरे परिसर में ब्लैकआउट की स्थिति बनाते हुए संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और संकट के समय अपनाई जाने वाली रणनीतियों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी हमलों, घुसपैठ या अन्य आपात परिस्थितियों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी को परखना और उन्हें और अधिक सशक्त बनाना है। साथ ही यह अभ्यास सुरक्षा बलों की सतर्कता बनाए रखने और किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को लगातार अपडेट रखने के लिए भी आवश्यक है।
आईटीबीपी की 34वीं वाहिनी द्वारा आयोजित यह अभ्यास आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि किसी भी प्रकार के आतंकी खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।





