बड़ी सौगात: अब और सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक होगी रामनगर–चंडीगढ़ व लालकुआँ–आनंद विहार एक्सप्रेस की यात्रा

गोरखपुर,
रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने यात्री सुविधा को प्राथमिकता देते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब 15063/15064 रामनगर–चंडीगढ़–रामनगर एक्सप्रेस तथा 15059/15060 लालकुआँ–आनंद विहार टर्मिनल–लालकुआँ एक्सप्रेस पारंपरिक (कन्वेंशनल) कोचों की जगह अत्याधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) रेक के साथ संचालित की जाएंगी।
यह बदलाव न केवल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाएगा, बल्कि सीटों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बड़ी राहत भी देगा।
कब से लागू होगा नया सिस्टम?
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार:
रामनगर–चंडीगढ़ एक्सप्रेस में 02 मार्च 2026 से एलएचबी रेक लगेगा।
लालकुआँ–आनंद विहार एक्सप्रेस में 03 मार्च 2026 से नया रेक लागू होगा।
इन तिथियों के बाद दोनों ट्रेनों की संरचना पूरी तरह बदल जाएगी और यात्री आधुनिक कोचों में सफर करेंगे।
बढ़ेंगी सीटें, घटेगी वेटिंग
एलएचबी रेक लगाए जाने के बाद यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा:
साधारण श्रेणी में 149 अतिरिक्त सीटें जुड़ेंगी।
विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में कुल 51 अतिरिक्त बर्थ बढ़ेंगी।
यह कदम खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा जो लंबे समय से वेटिंग टिकट की समस्या से जूझते रहे हैं। त्योहारों, छुट्टियों और वीकेंड पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह निर्णय काफी अहम माना जा रहा है।
नई रेक संरचना: कुल 17 आधुनिक कोच
परिवर्तित रेक में कुल 17 कोच होंगे, जिनमें शामिल हैं:
01 जनरेटर सह लगेज यान
01 एलएसएलआरडी (गार्ड व लगेज यान)
04 साधारण द्वितीय श्रेणी
04 साधारण कुर्सीयान
03 शयनयान (स्लीपर)
02 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (एसी थर्ड)
01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (एसी सेकेंड)
01 वातानुकूलित कुर्सीयान (एसी चेयर कार)
इस नई संरचना से हर वर्ग के यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
क्यों खास हैं एलएचबी कोच?
एलएचबी कोच भारतीय रेलवे की आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं।
*इनकी प्रमुख विशेषताएं हैं:*
बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम और उच्च सुरक्षा मानक
दुर्घटना की स्थिति में कम नुकसान की संभावना
तेज गति पर अधिक स्थिरता
कम झटके और अधिक आरामदायक सफर
आधुनिक डिजाइन और बेहतर वेंटिलेशन
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार एलएचबी कोच पारंपरिक कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित और टिकाऊ होते हैं।
* उत्तराखंड और दिल्ली रूट के यात्रियों को बड़ी राहत*
रामनगर और लालकुआँ से दिल्ली और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटन, नौकरी, शिक्षा और इलाज जैसे कारणों से इन रूटों पर सालभर भारी यातायात रहता है।
ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ना और आधुनिक कोच लगना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
रेलवे का संदेश: यात्री सुविधा सर्वोपरि
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। भविष्य में भी इसी तरह यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में काम जारी रहेगा।
रेलवे का यह फैसला निश्चित रूप से आम यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात है — अब सफर होगा ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा आरामदायक और पहले से ज्यादा सुविधाजनक।







