बड़ी खबर: सीएम धामी ने एक क्लिक से 9.74 लाख लाभार्थियों को भेजी 176.59 करोड़ की पेंशन, नशा मुक्ति और बुजुर्ग सम्मान का दिलाया संकल्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में एक क्लिक के माध्यम से 176.59 करोड़ रुपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की। यह राशि मई 2026 की पेंशन के रूप में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को प्रदान की गई।
सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव और बाधा के योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ा है और गरीब, कमजोर तथा वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में अंत्योदय परिवारों को हर वर्ष तीन गैस सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं, जबकि स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पलायन रोकथाम योजना, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को गति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट आकार को उन्होंने राज्य की उपलब्धियों में शामिल किया।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। साथ ही 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद बीते साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग को आवश्यक बताते हुए सभी संबंधित आयोगों, परिषदों और समितियों से जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न आयोगों व परिषदों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।







