*HC से बनभूलपुरा हिंसा केस में बड़ी खबर — वसीम अहमद को मिली जमानत, मगर ‘मुख्य साजिशकर्ता’ अब्दुल मलिक को नहीं मिली ढील!*

नैनीताल:
उत्तराखंड हाईकोर्ट से आज बनभूलपुरा दंगे के मामले में एक बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने आरोपी वसीम अहमद को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं, जबकि मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक और उसके सहयोगी अब्दुल मोईद को अब भी कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल सकी।
वरिष्ठ न्यायमूर्तियों मनोज कुमार तिवारी और पंकज पुरोहित की खंडपीठ में हुई सुनवाई में, बचाव पक्ष ने दावा किया कि वसीम अहमद का इस दंगे से कोई संबंध नहीं है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद अदालत ने वसीम अहमद को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
वहीं बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि पुलिस ने तय समयसीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं की, इसलिए आरोपी को डिफॉल्ट बेल का लाभ मिलना चाहिए।
आपको बता दें, इस हाई-प्रोफाइल दंगे में अब तक 50 से अधिक आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता और उसके करीबी साथियों की याचिकाएं अब भी अदालत में विचाराधीन हैं।
बनभूलपुरा में हुई इस हिंसा में सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था और कई नागरिक भी घायल हुए थे।
विकास गुगलानी, अधिवक्ता हाईकोर्ट
> “कोर्ट ने पाया कि वसीम अहमद के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, इसी वजह से उन्हें राहत दी गई है, जबकि मुख्य साजिशकर्ताओं की भूमिका अभी जांच के घेरे में है।”
संक्षेप में:
बनभूलपुरा दंगा केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
वसीम अहमद को जमानत, अब्दुल मलिक को झटका
50 से ज्यादा आरोपी पहले ही जमानत पा चुके
मुख्य साजिशकर्ता अब भी हाईकोर्ट की नजर में






