बड़ी खबर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया राजभवन नैनीताल के वर्चुअल टूर का लोकार्पण, 125 वर्षों की गौरवगाथा अब डिजिटल रूप में

नैनीताल, 04नवम्बर 2025।
राजभवन नैनीताल की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखण्ड के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इस ऐतिहासिक मौके पर आयोजित विशेष कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए राजभवन नैनीताल के “वर्चुअल टूर” का लोकार्पण किया।
इस पहल के माध्यम से आम नागरिक अब राजभवन की स्थापत्य कला, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व का डिजिटल अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। यह टूर राजभवन की आधिकारिक वेबसाइट governoruk.gov.in पर उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने कहा —
“जैसे स्वतंत्र भारत में राष्ट्रपति भवन गणराज्य का प्रतीक है, वैसे ही राज्यों के राजभवन लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा का प्रतीक हैं। उत्तराखण्ड का यह ऐतिहासिक भवन राज्य की प्रगति यात्रा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।”
उन्होंने राज्यपाल और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि राज्यपाल का कार्यालय जनता के प्रति संवेदनशील, नैतिक और सरल व्यवहार का उदाहरण होना चाहिए।
कार्यक्रम में राजभवन नैनीताल पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसने इस भवन की स्थापत्य सुंदरता और विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति ने उत्तराखण्ड की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता जताई और विश्वास व्यक्त किया कि राज्य आने वाले वर्षों में और भी ऊँचाइयाँ छुएगा।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राष्ट्रपति महोदया का स्वागत करते हुए कहा कि —
“राजभवन का 3-डी वर्चुअल टूर, डिजिटल इंडिया के विजन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास है।”
इस अवसर पर उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिन्होंने अतिथियों को राज्य की परंपराओं और लोक नृत्यों की झलक दिखाई।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेन्द्र, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत (मुख्यमंत्री प्रतिनिधि), आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।





