चमोली: नहीं थम रहा हादसों का सिलसिला बदरीनाथ हाईवे पर फिर पलटा टेंपो ट्रैवलर, चारधाम यात्रा के दौरान बड़ा हादसा टला; 8 श्रद्धालु घायल

चमोली। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिन जोशीमठ के पैनी क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में एक महिला श्रद्धालु की मौत और 17 लोगों के घायल होने के बाद अब एक बार फिर इसी हाईवे पर बड़ा हादसा सामने आया है। इस बार मेरठ से चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से भरा टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में आठ यात्री घायल हो गए, जबकि अन्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के मेरठ से आए श्रद्धालु बदरीनाथ धाम के दर्शन कर ऋषिकेश लौट रहे थे। तभी हनुमान चट्टी और बिनाकुली के बीच वाहन संख्या UP-15 ET-1020 अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। वाहन में चालक सहित कुल 16 लोग सवार थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी जेपी कंपनी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ रेफर कर दिया गया।

घायलों में दिशा (15 वर्ष), वर्षा, इलालिता, ज्योति, पुष्पा गिरी, चालक जमील, राजकुमार और बसु शामिल हैं। सभी घायल मेरठ जनपद के निवासी बताए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और कोई भी यात्री गंभीर रूप से घायल नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई थी, लेकिन पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा कर लिया गया। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए बदरीनाथ हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
बदरीनाथ थाना प्रभारी नवनीत भंडारी ने बताया कि वाहन बदरीनाथ से ऋषिकेश की ओर जा रहा था, तभी बिनाकुली के पास चालक का नियंत्रण बिगड़ने से वाहन पलट गया। आठ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं और सभी का उपचार जारी है।

चारधाम यात्रा सीजन में लगातार बढ़ रहे यातायात और पर्वतीय मार्गों की कठिन परिस्थितियों के बीच यह घटना एक बार फिर सतर्क वाहन संचालन और सुरक्षित यात्रा की आवश्यकता को उजागर करती है। समय पर हुए राहत एवं बचाव कार्य के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और सभी श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित बच गई।






