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लाल किला ब्लास्ट: फरीदाबाद मॉड्यूल का मास्टरमाइंड डॉ. उमर बना मौत का सौदागर — छापों से पैनिक में रचा धमाके का प्लान, दिल्ली दहला।

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दिल्ली । दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुआ धमाका अब एक संगठित आतंकी साजिश के रूप में सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर मोहम्मद था। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में लगातार चल रही छापेमारी से घबराया उमर गिरफ्तारी से बचने के लिए पैनिक में आ गया था। इसी हड़बड़ी में उसने अपनी कार में ही डिटोनेटर लगाया और राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के सामने धमाका कर दिया।

इस विस्फोट में अब तक नौ लोगों की मौत और बीस से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। एजेंसियों के मुताबिक यह आत्मघाती हमला था। मौके पर बम डिस्पोजल स्क्वॉड और फोरेंसिक टीमों ने जांच शुरू कर दी है, जबकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए की टीमें मिलकर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं।

सूत्रों के अनुसार फरीदाबाद के जिस टेरर मॉड्यूल से उमर जुड़ा था, वहां से कई संदिग्ध गिरफ्तार किए गए थे। उन्हीं गिरफ्तारियों के बाद उमर बुरी तरह डर गया और उसने जल्दबाजी में विस्फोट का प्लान तैयार कर लिया। पुलिस ने बताया कि धमाके के लिए कार में विस्फोटक सामग्री पहले से रखी गई थी और डिटोनेटर मैन्युअली ट्रिगर किया गया।

जांच एजेंसियों ने शुरुआती जांच में कई बड़े खुलासे किए हैं। विस्फोट में इस्तेमाल कार फर्जी नंबर प्लेट पर चल रही थी। ब्लास्ट में प्रयुक्त विस्फोटक फरीदाबाद के एक निजी क्लिनिक में तैयार किया गया था। उमर ने हमले से ठीक पहले अपने साथियों से एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप के माध्यम से संपर्क किया था। एनआईए की जांच में फरीदाबाद मॉड्यूल से पाकिस्तान और आईएसआई कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं।

सीसीटीवी फुटेज में उमर के साथ दो अन्य संदिग्धों की भी पहचान की गई है, जिनकी तलाश में टीमें कई जगह दबिश दे रही हैं। दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और सभी प्रमुख स्थानों पर गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला भारत की सांस्कृतिक पहचान लाल किला को निशाना बनाकर दुनिया को संदेश देने की आतंकी साजिश थी। राजधानी के दिल पर इस तरह का हमला दिखाता है कि आतंकी मॉड्यूल कितने गहराई तक फैल चुके हैं।

खुफिया सूत्रों के अनुसार डॉक्टर उमर मोहम्मद मूल रूप से कश्मीर के बडगाम का रहने वाला है। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही वह कट्टर विचारधारा से प्रभावित हुआ और धीरे-धीरे आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया। फरीदाबाद में उसने क्लिनिक की आड़ में हथियार और विस्फोटक तैयार करने का नेटवर्क खड़ा किया था।

दिल्ली पुलिस, एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों तक पहुंचने में जुटे हैं। राजधानी के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि उमर के संपर्क में कुछ और स्लीपर सेल अब भी सक्रिय हो सकते हैं, जो आने वाले दिनों में किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे हों।

देश की राजधानी में हुआ यह धमाका सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ा सबक है। लगातार छापेमारी, गिरफ्तारियां और अब लाल किला ब्लास्ट ने साफ कर दिया है कि आतंकी संगठनों की नजर एक बार फिर भारत के प्रतीक स्थलों पर है, और फरीदाबाद से लेकर दिल्ली तक फैला यह नेटवर्क अब जांच एजेंसियों की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

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Pankaj Pandey

संपादक - आक्रामक न्यूज़

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