एग्री स्टैक और किसान पंजीकरण पर फोकस, मुख्य सचिव बोले- योजनाओं का लाभ न रुके,नैनीताल-हरिद्वार समेत चार जिलों में एग्री स्टैक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर एग्री स्टैक, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में एग्री स्टैक से संबंधित कार्य किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि अंश निर्धारण के कार्य में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को सक्रिय और प्रोएक्टिव भूमिका निभानी होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में उर्वरकों (फर्टिलाइजर्स) का वितरण भी किसान पंजीकरण के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में किसानों का पंजीकरण कार्य शीघ्र पूरा किया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति बढ़ाई जाए और अधिक से अधिक किसानों के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसान पंजीकरण का कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना और उर्वरक वितरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति पर भी चिंता व्यक्त की गई। मुख्य सचिव ने सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की सेवाएं लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रशिक्षण देकर इनकी मदद से सर्वेक्षण कार्य को गति दी जा सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। उनका कहना था कि एग्री स्टैक से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसमें देरी होने पर केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचना प्रभावित हो सकता है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, वी. षणमुगम, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, एस. एन. पाण्डेय, रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






