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माँ अवंतिका कुंज मंदिर में सामुदायिक विकास भवन का भव्य लोकार्पण — श्रद्धा, संस्कृति और एकता का संगम बना ऐतिहासिक आयोजन

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लालकुआँ। माँ अवंतिका कुंज मंदिर परिसर में निर्मित आधुनिक सुविधाओं से युक्त सामुदायिक विकास भवन का लोकार्पण मंगलवार को अत्यंत भव्यता, आध्यात्मिक उत्साह और सामाजिक एकता के साथ सम्पन्न हुआ। सुबह से ही पूरा परिसर भक्ति, भजन और सांस्कृतिक उल्लास से गूंज उठा। लोकार्पण के उपरांत विशाल भंडारे में क्षेत्रभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह रजवार और महामंत्री भुवन पाण्डे ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा—

“माँ अवंतिका की कृपा से वर्षों का सपना आज साकार हुआ। यह भवन धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख आधार बनेगा।”

  • सांसद अजय भट्ट ने कहा—
    “अवंतिका कुंज धाम पूरे कुमाऊँ की आस्था का केंद्र है। सामुदायिक भवन का निर्माण जनता के लिए बड़ा सौभाग्य है। इससे धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी।”
  • सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के सीईओ अजय गुप्ता ने कहा—
    “समाज से जुड़े रहना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह भवन समाज को जोड़ने का उत्कृष्ट प्रयास है।”
  • विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा—

“यह भवन क्षेत्र की जनता के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। सांस्कृतिक और धार्मिक मंच अब और मजबूत होंगे।”

  • सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा ने कहा—

“आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र भविष्य के कई महत्वपूर्ण आयोजनों का स्थल बनेगा।”

  • नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी ने कहा—

“लालकुआँ निरंतर विकास की राह पर है। यह भवन उसी प्रगति यात्रा का विशेष अध्याय है।”

माँ भद्रकाली मंदिर के आचार्य योगेश पन्त ने कहा—

“भक्ति-भाव से निर्मित हर स्थान समाज में शांति और सद्भाव का संदेश देता है—यह भवन भी उसी का प्रतीक है।”

  • पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुमका ने कहा—
  • “यह परिसर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करेगा।”
  • सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग

मशकबीन की धुन और छोलिया नृत्य ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।

प्रसिद्ध भजन गायक प्रभाकर जोशी और प्रमोद मिश्रा के भजनों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

मातृशक्ति ने पारंपरिक पिछौड़ा वेशभूषा में भव्य उपस्थिति दर्ज कर उत्सव को और गरिमामय बनाया।

  • भविष्य की दृष्टि

नए सामुदायिक भवन का उद्देश्य—

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संगठित मंच प्रदान करना

सामाजिक सहयोग और एकता को बढ़ावा देना

अगली पीढ़ी को संस्कृति व आध्यात्मिक मार्ग से जोड़ना

श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं की व्यापक उपस्थिति

क्षेत्र के अनेक सामाजिक प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक और श्रद्धालु कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने सामुदायिक भवन को विकास का नया आधार बताकर प्रसन्नता व्यक्त की।

माँ अवंतिका कुंज मंदिर परिसर में सम्पन्न यह लोकार्पण समारोह सामुदायिक एकता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत उदाहरण बनकर इतिहास में दर्ज हो गया।

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Pankaj Pandey

संपादक - आक्रामक न्यूज़

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