राष्ट्रपति का उत्तराखंड दौरा… आखिर देवभूमि में क्यों हैं देश की प्रथम नागरिक? जानिए इस हाई-प्रोफाइल विजिट का पूरा शेड्यूल

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड शुक्रवार को उस समय गौरवान्वित हो उठा, जब भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु दो दिवसीय दौरे पर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रही। एयरपोर्ट से लेकर राष्ट्रपति के निर्धारित मार्ग तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आईं और प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया।
राष्ट्रपति के दौरे का क्या है खास?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान राष्ट्रपति निकेतन में विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगी। इसके साथ ही शनिवार को वह भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून में आयोजित होने वाली 158वें रेगुलर कोर्स एवं 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा करेंगी और भावी सैन्य अधिकारियों को संबोधित करेंगी।
यह कार्यक्रम भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित परंपराओं में से एक माना जाता है, जहां प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेट देश सेवा की शपथ लेकर अधिकारी बनते हैं।
हाई अलर्ट पर रहा प्रशासन
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने शहरभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण
राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल भारतीय सैन्य परंपरा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तराखंड के लिए भी गर्व का विषय है। देश की प्रथम नागरिक की मौजूदगी से देवभूमि एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गई है। राष्ट्रपति का यह दौरा सैन्य परंपरा, विकास और उत्तराखंड की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।






