हरिद्वार गंगा में अवैध खनन मामला: हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, निर्धारित बेंच को भेजा गया प्रकरण

नैनीताल।
उत्तराखंड हाईकोर्ट में हरिद्वार गंगा नदी में हो रहे अवैध खनन के मामले को लेकर मात्री सदन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले को पूर्व में निर्धारित बेंच में सुनवाई के लिए भेज दिया।
आज हुई सुनवाई के दौरान मात्री सदन के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि 30 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन में सभी 48 स्टोन क्रशरों को तत्काल बंद कर दिया गया था। इसके बाद स्टोन क्रशर संचालकों ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई के बाद 25 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
मात्री सदन की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि हरिद्वार क्षेत्र में गंगा नदी में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे गंगा नदी के अस्तित्व पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि गंगा में खनन करने वाले नेशनल मिशन क्लीन गंगा (NMCG) के उद्देश्यों को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं।
मात्री सदन के स्वामी स्वामी दयानंद ने कहा कि गंगा नदी में हो रहे अवैध खनन पर तत्काल और सख्त रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि देश की जीवनरेखा कही जाने वाली गंगा नदी के अस्तित्व और पर्यावरण को बचाया जा सके।
फिलहाल, हाईकोर्ट द्वारा मामला निर्धारित बेंच को भेजे जाने के बाद अब अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।






