“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना जनकल्याण का मजबूत सेतु विशेष शिविरों से 4 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ, 504 कैंपों का सफल आयोजन

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” प्रदेशभर में आम जनता के लिए राहत और सुविधा का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। इस अभियान के तहत लगाए जा रहे विशेष शिविरों के जरिए लाखों नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का एक ही स्थान पर सीधा लाभ मिल रहा है।
राज्यभर में अब तक कुल 504 विशेष शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 4 लाख 8 हजार 541 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है। इसी क्रम में आज आयोजित 20 विशेष कैंपों में 18,673 नागरिकों ने विभिन्न विभागीय सेवाओं का लाभ उठाया।
इन शिविरों के माध्यम से जनता को राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पेंशन, प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान योजनाएं सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आम नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
*ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रहे कैंप*
सरकार की यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण, पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित होने से शासन-प्रशासन के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
*मुख्यमंत्री धामी बोले — जनता तक सीधे पहुंचे सरकार*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाया जाए और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समयबद्ध, पारदर्शी और सहज रूप से योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेष शिविरों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में किसी प्रकार की कमी न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर सुशासन, सेवा और समर्पण की भावना को धरातल पर साकार कर रहे हैं और प्रदेश में जनहितकारी शासन प्रणाली को नई दिशा दे रहे हैं।






