मासूम की मौत से हिला सिस्टम, हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन,कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत का सख्त रुख

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत का सख्त रुख, निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई के आदेश
हल्द्वानी में एक बार फिर लापरवाह सिस्टम ने एक परिवार से उसका चिराग छीन लिया। मुखानी रोड पर सड़क में बने खतरनाक गड्ढे ने 13 वर्षीय मासूम की जान ले ली, और इसके बाद ही प्रशासन की नींद खुली। हादसे ने न सिर्फ व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि विकास के नाम पर चल रही लापरवाही को भी बेनकाब कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में लगी एजेंसी यूयूएसडीए की भारी लापरवाही सामने आई। मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड था, न ही शाइनिंग साइन, और न ही निर्माण कार्य से जुड़ी कोई सूचना पट्टिका। सुरक्षा मानकों की तो मानो पूरी तरह अनदेखी की गई थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मासूम की मौत के बाद निर्माण एजेंसी ने रातों-रात गड्ढों को भरकर मामले को दबाने की कोशिश की। इस पर कमिश्नर दीपक रावत ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने साफ शब्दों में कहा कि अब विकास कार्यों की समीक्षा फाइलों और दफ्तरों में नहीं, बल्कि सीधे ज़मीनी हकीकत के आधार पर होगी। अधिकारी अब मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों की जांच करेंगे।
उधर, पुलिस ने मृतक बच्चे के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह हादसा प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गया है—क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही सिस्टम जागेगा?





