उत्तराखंड

NH-109 पर रॉन्ग साइड ट्रकों का आतंक, लगातार हादसों से बढ़ी चिंता, दो दिनों में दो बड़ी घटनाएं।

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हल्द्वानी/मोटाहल्दू।

मोटाहल्दू राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर गैस प्लांट से बेरीपड़ाव के बीच इन दिनों हालात चिंताजनक बने हुए हैं। इस रूट पर स्टोन क्रशरों से उपखनिज लेकर चलने वाले भारी ट्रक और ट्राले खुलेआम रॉन्ग साइड (उल्टी दिशा) में दौड़ रहे हैं। नियमों की अनदेखी करते हुए चल रहे ये वाहन अब आम लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
पिछले दो दिनों में इसी मार्ग पर दो बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिससे साफ है कि स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

आज सुबह भी गैस प्लांट के पास एक और हादसा सामने आया। जानकारी के अनुसार, एक ट्राला अचानक रॉन्ग साइड से आ गया। सामने से आ रही स्कॉर्पियो को संभालने का मौका नहीं मिला और वह अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में स्कॉर्पियो सवार लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग बरेली के रहने वाले हैं, जो बरेली से हल्द्वानी की ओर लालकुआं होते हुए जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल 108 एंबुलेंस को बुलाया गया। पुलिस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में चलने वाले ज्यादातर ट्रक स्टोन क्रशरों से जुड़े हैं और जल्दी के चक्कर में नियमों की अनदेखी करते हैं। रॉन्ग साइड चलना, तेज रफ्तार और कई बार ओवरलोडिंग—ये सब मिलकर हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस पर कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों में डर का माहौल है। खासकर सुबह और शाम के समय जब ट्रकों की आवाजाही ज्यादा रहती है, तब हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सख्ती से ट्रैफिक नियमों का पालन कराया जाए। रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो, नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और जरूरत पड़े तो खनन वाहनों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए।

फिलहाल पुलिस हर घटना के बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल रही है, लेकिन सवाल यह है कि हादसों को होने से पहले रोकने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

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Pankaj Pandey

संपादक - आक्रामक न्यूज़

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