बिंदुखत्ता की हुंकार 18 फरवरी को गूंजेगी लालकुआं में, प्रशासन अलर्ट – 200 वालंटियर और एंबुलेंस की व्यवस्था

लालकुआं।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। संयुक्त संघर्ष समिति ने 18 फरवरी को लालकुआं तक विशाल जुलूस, जनसभा और धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। ग्रामीणों में जबरदस्त जोश है और गांव-गांव बैठकों के जरिए आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चल रही है।
आंदोलन के व्यापक स्वरूप को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में प्रशासन और संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के बीच अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा, वहीं समिति ने भी आंदोलन को शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली बनाने का भरोसा दिलाया।
संघर्ष समिति के संयोजक इंद्र सिंह पनेरी और कुंदन सिंह मेहता ने बताया कि जुलूस के बाद जड़ सेक्टर स्कूल में विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। इसके उपरांत प्रदर्शनकारी लालकुआं तहसील पहुंचकर धरना देंगे और जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन बिंदुखत्ता के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे हर हाल में अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
200 वालंटियर और पूर्व सैनिक संभालेंगे मोर्चा
संघर्ष समिति ने भीड़ प्रबंधन के लिए करीब 200 वालंटियर नियुक्त किए हैं। खास बात यह है कि पूर्व सैनिक भी वालंटियर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति का दावा है कि प्रदर्शन पूरी तरह अनुशासित और संगठित रहेगा। बुजुर्गों की भागीदारी को देखते हुए दो एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन की मौजूदगी में बनी रणनीति
बैठक में प्रशासन की ओर से एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार कुलदीप पांडे और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह राणा मौजूद रहे।
वहीं संघर्ष समिति की ओर से पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, वनाधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, हरीश बिसौती, प्रभात पाल, प्रकाश मिश्रा, उमेश चंद्र भट्ट, पुष्कर सिंह दानू, गुरदयाल सिंह मेहरा सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
*निर्णायक दिन की ओर बढ़ता बिंदुखत्ता*
बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग वर्षों से लंबित है। अब 18 फरवरी का दिन इस आंदोलन के लिए अहम माना जा रहा है। एक ओर जहां ग्रामीण अपनी ताकत दिखाने को तैयार हैं, वहीं प्रशासन भी किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरी तैयारी में जुटा है।
18 फरवरी को लालकुआं में बिंदुखत्ता की आवाज कितनी बुलंद होगी, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं।







