उत्तराखंड

भिकियासैंण सीएचसी में नवजात की मौत पर हंगामा, ग्रामीणों ने की तालाबंदी

खबर शेयर करें -

* *लापरवाही का आरोप, एसडीएम याक्षी अरोड़ा ने दिए जांच के आदेश*

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिकियासैंण में प्रसव के बाद एक नवजात शिशु की मौत से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।

इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर सांकेतिक तालाबंदी कर दी और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जानकारी के अनुसार, बाड़ीकोट (गांधीनगर) निवासी उमा देवी को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी भिकियासैंण में भर्ती कराया गया था। सुबह करीब आठ बजे उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। दोपहर के समय नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, एंबुलेंस से ले जाते समय अस्पताल से करीब छह किलोमीटर दूर नवजात की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते उचित उपचार नहीं दिया गया और अस्पताल में आवश्यक संसाधनों व सुविधाओं का अभाव है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सीएचसी में पर्याप्त इंतजाम होते, तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी।

स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंचीं और परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। पीड़ित पिता कुबेर सिंह ने एसडीएम को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश देने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष दीपक बिष्ट, कई सभासद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी अस्पताल परिसर में मौजूद रहीं।

वहीं, सीएचसी की चिकित्सक डॉ. शिबांगी ने बताया कि प्रसव के दौरान ही शिशु में गर्भ के अंदर मल-मूत्र करने के लक्षण पाए गए थे। सुरक्षित प्रसव कराया गया, लेकिन नवजात की स्थिति गंभीर होने पर उसे तत्काल हायर सेंटर रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Pankaj Pandey

संपादक - आक्रामक न्यूज़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *