उत्तराखंड में बदला मौसम का मिज़ाज पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ठंड की मार — अलर्ट पर प्रशासन

देहरादून।
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि मैदानी जिलों में ठंडी हवाओं और हल्की बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पहाड़ी जिलों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में ऊंची चोटियों पर बर्फ जमने से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, औली और हेमकुंड साहिब क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे जहां एक ओर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
यातायात और प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार बर्फबारी के चलते कई पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील सड़कों पर जेसीबी और स्नो-कटर मशीनें तैनात कर दी हैं। यात्रियों को बिना आवश्यक कारण पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ठंड से जनजीवन प्रभावित
मैदानी इलाकों में भी ठंड ने जोर पकड़ लिया है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। तापमान में गिरावट के कारण लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पर्यटन को मिल सकता है फायदा
मौसम खराब होने के बावजूद बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। औली और अन्य हिल स्टेशनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। होटल कारोबारियों और स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सैलानियों की आवाजाही तेज होगी।
*प्रशासन की अपील*
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें, अनावश्यक यात्रा से बचें और आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।






