उत्तराखंड की राजनीति में सौहार्द और सम्मान की मिसाल: पद्म भूषण चयन पर भगत सिंह कोश्यारी से भेंट, हरीश रावत को अपने खेत का चावल भेंट कर जताया आत्मीय स्नेह

देहरादून।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल आदरणीय श्री भगत सिंह कोश्यारी जी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उन्हें पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
इस अवसर पर उनका अभिनंदन करते हुए उनके दीर्घ राजनीतिक, सामाजिक और राष्ट्रसेवा के योगदान की सराहना की गई।
भेंट के दौरान श्री कोश्यारी जी ने उत्तराखंड के विकास, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक समरसता से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने राज्य की युवा पीढ़ी से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
इसके उपरांत प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री हरीश रावत जी से उनके आवास पर भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान आत्मीय मुलाकात के रूप में उन्हें अपने खेत में उपजाए गए चावल भेंट किए गए, जो आत्मनिर्भरता, किसान सम्मान और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है।
श्री हरीश रावत जी ने इस स्नेहिल भेंट पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से उपजे अन्न का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा है। उन्होंने उत्तराखंड की कृषि व्यवस्था, ग्रामीण विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए।
दोनों वरिष्ठ नेताओं से हुई यह मुलाकात राजनीति में सौहार्द, सम्मान और आपसी संवाद की सकारात्मक मिसाल के रूप में देखी जा रही है। इस अवसर पर प्रदेश के विकास, सामाजिक सरोकारों, किसानों की स्थिति, युवाओं के भविष्य और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
यह भेंट न केवल राजनीतिक शिष्टाचार का प्रतीक रही, बल्कि समाज में सम्मान, सद्भाव और सेवा की भावना को भी मजबूती प्रदान करती है।






