
* *एजेंसी पर फर्जीवाड़े का आरोप, उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश*
* *विधायक शिव अरोड़ा भी बने शिकार*
* *जांच शुरू, लाइसेंस रद्द करने की उठी मांग*
रुद्रपुर:
शहर में गैस वितरण को लेकर बड़ा खेल उजागर हुआ है. आरोप है कि एक गैस एजेंसी उपभोक्ताओं के नाम पर बिना बताए गैस बुक कर रही थी और फिर उसे “डिलीवर” दिखाकर सिलेंडर कहीं और खपा रही थी. इस पूरे मामले ने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस फर्जीवाड़े से खुद रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा भी नहीं बच सके. उनके परिवार के गैस कनेक्शन से बिना किसी अनुरोध के सिलेंडर बुक कर दिया गया और उसी दिन डिलीवरी का मैसेज भी भेज दिया गया, जबकि घर में कोई गैस मंगाई ही नहीं गई थी.
एक जैसे कई मामले आए सामने:
जब विधायक एजेंसी पहुंचे तो वहां पहले से ही कई उपभोक्ता मौजूद थे. सभी की शिकायत लगभग एक जैसी थी—
* *“बुकिंग हमने नहीं की, लेकिन सिस्टम में सिलेंडर डिलीवर दिख रहा है”*
कई लोगों ने बताया कि जब वे खुद गैस बुक करने गए, तो सिस्टम ने अगली बुकिंग की तारीख तक नहीं दिखाई. इससे साफ हो गया कि उनके हिस्से का सिलेंडर पहले ही कागजों में निकाल दिया गया.
भड़के लोग, एजेंसी पर हंगामा:
गुस्साए उपभोक्ताओं ने एजेंसी के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. लोगों का कहना था कि यह सीधा-सीधा गरीबों के हक पर डाका है.
विधायक ने दी चेतावनी:
मौके पर पहुंचे विधायक शिव अरोड़ा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह गैस की खुली कालाबाजारी है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
प्रशासन भी अलर्ट मोड में:
तहसील प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई. अधिकारियों ने साफ किया कि जो भी इस गड़बड़ी में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
अब क्या होगा आगे?
इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या आम आदमी का हक इसी तरह सिस्टम में गायब होता रहेगा?
फिलहाल प्रशासन जांच की बात कर रहा है, लेकिन जनता अब सिर्फ एक्शन चाहती है… और वो भी तुरंत.






