उत्तराखंड की रजत जयंती — 25 साल की गौरव यात्रा, 11 दिन तक देवभूमि में जश्न की गूंज

राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक होंगे साक्षी, पहाड़ की परंपरा और प्रगति का संगम बनेगा यह पर्व
देहरादून।
देवभूमि उत्तराखंड अपने गौरवशाली सफर के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है — और इस बार राज्य स्थापना दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि 11 दिनों का सांस्कृतिक उत्सव बनने जा रहा है।
1 से 11 नवंबर तक पूरा राज्य लोक परंपराओं, कला, खेल, संगीत और उत्सवों की ध्वनि से गूंजेगा।
अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार, राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के हर जनपद, हर तहसील में विशेष आयोजन किए जाएंगे, जिनमें लोक संस्कृति, विकास यात्रा और जनभागीदारी का समन्वय देखने को मिलेगा।
इतिहास रचने वाले पल भी होंगे शामिल
इन 11 दिनों में दो ऐतिहासिक क्षण पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बनेंगे —
3 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी।
11 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून के एफ.आर.आई. में आयोजित रजत जयंती समारोह में शामिल होंगे।
यह अवसर न केवल उत्तराखंड के संवैधानिक सफर का सम्मान होगा, बल्कि पिछले 25 वर्षों में हुए सामाजिक और विकासात्मक बदलावों की झलक भी पेश करेगा।
पहाड़ की खुशबू, संस्कृति की झंकार — ऐसे सजेगा जश्न
1 नवंबर से शुरुआत होगी ‘ईगास पर्व’ से, जब मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक रीति से उत्सव मनाया जाएगा।
इसके साथ ही गढ़ी कैंट सांस्कृतिक केंद्र में कॉमेडी फेस्ट की रौनक शुरू होगी, जो हंसी के साथ नई ऊर्जा का प्रतीक बनेगा।
2 नवंबर को पर्यटन विभाग द्वारा जौलीकांग–आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन का आयोजन राज्य की सीमाओं को जोड़ते हुए साहस और रोमांच का संदेश देगा।
3 और 4 नवंबर विधानसभा सत्र के दिन होंगे — जहाँ राष्ट्रपति का अभिभाषण और काशीपुर में नगर निकायों का सम्मेलन विकास संवाद की नई दिशा तय करेगा।
5 से 8 नवंबर तक देवभूमि एक रंगीन मोज़ेक बन जाएगी —
हरिद्वार में पारंपरिक खेल चैंपियनशिप,
दून विश्वविद्यालय में प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन,
रामनगर में जन–वन उत्सव,
हल्द्वानी में पूर्व सैनिक और महिला सम्मेलन,
जबकि राज्यभर के तहसील मुख्यालयों में आंदोलनकारी सम्मान समारोह होंगे — जो उन वीरों को नमन करेंगे जिन्होंने इस राज्य का सपना जिया था।
9 नवंबर, राज्य स्थापना दिवस के दिन,
देहरादून पुलिस लाइन में रैतिक परेड और शाम को सांस्कृतिक संध्या के साथ देवभूमि एक स्वर में गूंजेगी — जय उत्तराखंड!
10 नवंबर को शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन भविष्य की दिशा दिखाएगा,
और 11 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में रजत जयंती समारोह इस उत्सव को शिखर पर पहुंचाएगा।
बंशीधर तिवारी का कहना:
> “यह केवल समारोह नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा का उत्सव है — 25 वर्षों की संघर्ष, समर्पण और विकास यात्रा का प्रतीक। हमारा प्रयास है कि हर नागरिक इस गौरव में साझेदार बने।”
रजत जयंती उत्सव के जरिए उत्तराखंड आने वाले 11 दिनों तक सिर्फ रोशनी में नहीं, बल्कि अपनी पहचान की नई परिभाषा में नहाएगा
जहाँ पहाड़ की परंपरा, मैदानों की आधुनिकता और जनता का गर्व एक साथ मंच साझा करेंगे।





