चारधाम यात्रा को लेकर सरकार अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए सख्त निर्देश

देहरादून। चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों को चारधाम यात्रा के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि यात्रा मार्गों पर भारी वाहनों का संचालन केवल रात्रिकाल में ही किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे और जाम की स्थिति न बने।
बैठक में कहा गया कि चारधाम यात्रा में इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या और तेजी से बढ़ने की संभावना है। इससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों की आजीविका को भी लाभ मिल रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मानसून सीजन को देखते हुए यात्रा मार्गों पर संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा SDRF, NDRF, पुलिस और प्रशासन की समन्वित तैनाती सुनिश्चित करने, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा राहत संसाधनों को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भरत सिंह चौधरी तथा विधायक अनिल नौटियाल भी मौजूद रहे।
सरकार ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्थित दर्शन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।





