कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में हाई-वोल्टेज ड्रामा: ITBP के हथियारबंद जवानों के पहुंचने से मचा हड़कंप, अस्पताल पर कार्रवाई की मांग से प्रशासन अलर्ट


कानपुर :- उत्तर प्रदेश के Kanpur में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब Indo-Tibetan Border Police (ITBP) के करीब 40 से 50 हथियारबंद जवान अचानक Kanpur Police Commissionerate पहुंच गए। भारी संख्या में वर्दीधारी जवानों को परिसर में देख पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
मामला ITBP कमांडो विकास सिंह की मां निर्मला देवी के इलाज में कथित लापरवाही से जुड़ा है। आरोप है कि Krishna Super Speciality Hospital में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही हुई, जिसके चलते उनकी मां के हाथ में संक्रमण इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को अंततः उनका हाथ काटना पड़ा।
बताया जा रहा है कि 13 मई को सांस और पेट संबंधी समस्या के चलते निर्मला देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन या चिकित्सा लापरवाही के कारण उनका हाथ काला पड़ने लगा और संक्रमण तेजी से फैल गया। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस घटना से नाराज ITBP जवान कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। करीब एक घंटे तक परिसर में तनाव बना रहा। जवानों के हाथों में हथियार और आक्रोश दोनों साफ नजर आ रहे थे, जिससे पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया।
बाद में पुलिस कमिश्नर, CMO और ITBP अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई, जिसके बाद मामला शांत कराया गया। CMO हरिदत्त नेमी ने बताया कि अब पूरे प्रकरण की दोबारा निष्पक्ष जांच के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में नई जांच टीम गठित की गई है।
वहीं एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर Vipin Tada ने कहा कि यह घेराव जैसी स्थिति नहीं थी, बल्कि जवान अपने अधिकारियों के साथ अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे।
ITBP अधिकारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि इसी अस्पताल में पहले भी एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जिसकी निष्पक्ष जांच अब फिर से उठने लगी है।
अब पूरे प्रदेश की नजर संयुक्त जांच रिपोर्ट पर टिकी है—क्या अस्पताल प्रबंधन पर होगी बड़ी कार्रवाई, या फिर मामला फाइलों में दब जाएगा?





