उत्तराखंड में शिक्षकों की घर वापसी के आदेश, मूल विद्यालय में जॉइनिंग के बाद ही मिलेगा वेतन

- *शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, सभी संबद्ध शिक्षकों और कार्मिकों का संबद्धीकरण समाप्त; रोजाना शाम 4 बजे तक मांगी जाएगी रिपोर्ट*

देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने संबद्ध (अटैच) शिक्षकों और कार्मिकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
महानिदेशालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है किों विद्या समीक्षा केंद्र में तैनात कार्मिकों और छात्र संख्या शून्य होने के कारण अन्यत्र संबद्ध किए गए शिक्षकों को छोड़कर शेष सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का संबद्धीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार अब सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने मूल विद्यालय अथवा कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि जून 2026 और आगामी महीनों का वेतन केवल उन्हीं शिक्षकों एवं कार्मिकों को मिलेगा, जिन्होंने अपने मूल कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण कर लिया होगा। बिना जॉइनिंग के वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
महानिदेशालय ने बताया कि पहले मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ), जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) और जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) कार्यालयों से अलग-अलग सूचनाएं भेजी जा रही थीं, जिससे आंकड़ों में भिन्नता सामने आ रही थी। इसे देखते हुए अब सभी जनपदों के संबद्ध शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) स्तर पर संकलित और सत्यापित किया जाएगा।
सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रारूप-1, प्रारूप-2 और प्रारूप-3 में संवर्गवार जानकारी प्रतिदिन अपराह्न 4 बजे तक महानिदेशालय को ई-मेल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराएं। विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य मानी जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस फैसले को प्रदेशभर में संबद्ध शिक्षकों की ‘घर वापसी’ के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे विद्यालयों में शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।







