रुद्रपुर में निजी स्कूल बंद होने की घोषणा से बवाल, अभिभावकों का फूटा गुस्सा; स्कूल परिसर में किया हंगामा

360 छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट, प्रबंधन ने भवन को बताया असुरक्षित; दूसरे स्कूलों में समायोजन का दिया भरोसा

रुद्रपुर। रुद्रपुर के एक निजी विद्यालय को अचानक बंद करने की घोषणा के बाद अभिभावकों और छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्कूल प्रबंधन द्वारा ईमेल के माध्यम से विद्यालय बंद किए जाने की सूचना देने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल परिसर पहुंच गए और जमकर हंगामा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के लिया गया यह फैसला बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में करीब 360 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल प्रशासन ने 18 जून को छात्रों की आधिकारिक आईडी पर ईमेल भेजकर विद्यालय बंद करने की जानकारी दी थी। इसके बाद से ही छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
नाराज अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र के बीच में विद्यालय बंद करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के भविष्य और उनकी पढ़ाई को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई। कई अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने विद्यालय में भारी फीस जमा की है और अब अचानक लिए गए इस निर्णय से उनके सामने आर्थिक और शैक्षणिक दोनों तरह की समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने परिसर में सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात कर दिए थे, लेकिन इससे अभिभावकों का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया और विरोध जताते हुए बाउंसरों को परिसर से बाहर जाने पर मजबूर कर दिया।
मामले की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच बातचीत कर माहौल शांत कराने की कोशिश की।
अभिभावकों ने मांग की कि यदि स्कूल भवन वास्तव में असुरक्षित है तो बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के विद्यालय बंद करना छात्रों के हित में नहीं है।
वहीं स्कूल प्रबंधन की प्रतिनिधि चित्रा शर्मा ने बताया कि तकनीकी निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन का ढांचा सुरक्षित नहीं पाया गया है।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों से बातचीत की जा चुकी है और छात्रों को अन्य विद्यालयों में समायोजित कराने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
फिलहाल विद्यालय बंद किए जाने के फैसले को लेकर अभिभावकों और प्रबंधन के बीच गतिरोध बना हुआ है। अभिभावकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर बच्चों के हित में उचित समाधान निकालने की मांग की है।






