लालकुआं में सड़क हादसों का कहर: एक-दो महीने में कई जानें गईं, लगातार हो रहे दर्दनाक हादसो ने फिर झकझोरा क्षेत्र को….. पढ़े पूरी खबर।

लालकुआं (नैनीताल)।
लालकुआं और आसपास के इलाकों में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते एक-दो महीनों के भीतर जहां लगातार दुर्घटनाएं सामने आई हैं, वहीं कल लालकुआं ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। ताजा हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोगों की पहचान पति-पत्नी के रूप में हुई है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
*कल की घटना ने फिर खड़े किए सवाल*
शनिवार को लालकुआं ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में 56 वर्षीय रामनिवास उर्फ पप्पू शर्मा और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों की शिनाख्त होने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मृतक दंपती आपस में पति-पत्नी थे। हादसे की खबर फैलते ही बजरी कंपनी क्षेत्र सहित पूरे लालकुआं में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा तेज रफ्तार, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क पर पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हुआ।
*बीते एक-दो महीनों का भयावह आंकड़ा*
यदि पिछले एक-दो महीनों की बात करें तो लालकुआं, काठगोदाम-लालकुआं मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में:
कई घातक सड़क हादसे दर्ज किए गए
एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए
कई मामलों में मौतें हुईं, जिनमें बाइक सवार, पैदल यात्री और कार सवार शामिल रहे
स्थानीय स्तर पर सामने आई घटनाओं के अनुसार, केवल 25 एकड़ रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, हल्दूचौड़ और काठगोदाम-लालकुआं हाईवे ऐसे इलाके बन चुके हैं, जहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मौत की सड़क’ बनती 25 एकड़ रोड
लालकुआं की 25 एकड़ रोड को लोग अब खुलकर “मौत की सड़क” कहने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि:
जमरानी प्रोजेक्ट से जुड़ा नहर निर्माण कार्य अधूरा है
सड़क और नहर के बीच कोई स्पष्ट विभाजन नहीं
रात के समय रोशनी और संकेतक बेहद कमजोर
भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं
इन हालातों में वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों की जान भी लगातार खतरे में बनी हुई है।
ओवरलोड और तेज रफ्तार बन रहे हादसों की वजह
पिछले महीनों में सामने आए हादसों की जांच में यह बात बार-बार उभरकर आई है कि:
ओवरलोड डंपर और ट्रक
तेज रफ्तार दोपहिया और कारें
ट्रैफिक नियमों की खुलेआम अनदेखी
हादसों के बड़े कारण हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध भी जताया, लेकिन ठोस समाधान अब तक नजर नहीं आया।
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
हादसों के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई होती है
कुछ दिनों की सख्ती के बाद फिर वही हालात
न तो स्थायी स्पीड ब्रेकर लगाए गए
न ही खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट्स पर पर्याप्त इंतजाम
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
लालकुआं और काठगोदाम-लालकुआं मार्ग पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएं
भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण हो
अधूरे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा किया जाए
सड़क सुरक्षा के लिए स्थायी और ठोस कदम उठाए जाएं
लालकुआं में सड़क हादसे अब आंकड़ों की खबर नहीं, बल्कि हर घर का दर्द बनते जा रहे हैं।
आज पति-पत्नी की मौत ने यह साफ कर दिया है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह सिलसिला और भयावह हो सकता है। सवाल अब यही है —
क्या प्रशासन किसी और जान के जाने का इंतजार कर रहा है, या अब सच में ‘मौत की सड़क’ पर लगाम लगेगी?





