उत्तराखंड

कुमाऊं की अस्मिता पर हमला पड़ा भारी!….आपत्तिजनक बयान और दराती लहराने के मामले में इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

खबर शेयर करें -
  • *सोशल मीडिया की बदजुबानी पर कानून का वार!
    कुमाऊं की महिलाओं और लोक आस्था पर टिप्पणी करने वाली ज्योति अधिकारी जेल भेजी गई**

हल्द्वानी | उत्तराखंड
सोशल मीडिया पर विवादित, आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करना हल्द्वानी की चर्चित इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को भारी पड़ गया। कुमाऊं की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोपों में अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मुखानी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद ज्योति अधिकारी को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश पारित किया। इस कार्रवाई के बाद मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस के अनुसार, ज्योति अधिकारी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कुमाऊं की महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और लोक देवताओं को फर्जी बताकर लोगों की आस्था पर सवाल खड़े किए। इतना ही नहीं, खुलेआम दराती लहराने का वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।

गुरुवार शाम सामाजिक कार्यकर्ता जूही चुफाल की शिकायत पर मुखानी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस का कहना है कि इन बयानों से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई थी, जिसको देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल ज्योति अधिकारी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। जानकारी के मुताबिक, आज शुक्रवार को उनके वकील जमानत के लिए कोर्ट में प्रयास कर सकते हैं।

यह मामला एक बार फिर इस सवाल को मजबूती से खड़ा करता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले लोगों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक मर्यादा और संवेदनशीलता का संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Pankaj Pandey

संपादक - आक्रामक न्यूज़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *