चारधाम यात्रा का होगा भव्य समापन — आज गंगोत्री धाम के कपाट होंगे बंद, कल यमुनोत्री और 23 को केदारनाथ धाम के कपाट भी बंद; इस बार टूटा अब तक का हर रिकॉर्ड, 50 लाख श्रद्धालुओं ने किए देवदर्शन


देहरादून।
उत्तराखंड के देवभूमि में इस वर्ष की चारधाम यात्रा इतिहास रचते हुए अपने समापन की ओर है। गंगोत्री धाम के कपाट आज प्रातः 11:36 बजे मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसी क्रम में कल यमुनोत्री धाम के कपाट भी परंपरागत विधि-विधान के साथ बंद होंगे।
इसके बाद 23 अक्टूबर को केदारनाथ धाम और 24 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इन तिथियों के साथ चारधाम यात्रा 2025 का औपचारिक समापन हो जाएगा।
इस बार टूटा हर रिकॉर्ड — श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम
चारधाम यात्रा के इतिहास में इस वर्ष सबसे बड़ी भीड़ देखने को मिली। करीब 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारों धामों में पहुंचकर देवदर्शन किए।
सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से भी लाखों भक्त पहुंचे। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
आस्था का ऐसा संगम पहले कभी नहीं देखा गया — हर धाम में जय जयकारों की गूंज, घंटियों की ध्वनि और भक्ति भाव का अद्भुत माहौल बना रहा।
शीतकालीन व्यवस्था पूरी, दर्शन होंगे मुखवा और खरसाली में
धामों के कपाट बंद होने के बाद अब मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव और मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांव में भक्त दर्शन कर सकेंगे।
प्रशासन ने दोनों स्थलों पर सुरक्षा, आवास और यातायात व्यवस्थाओं को लेकर पुख्ता इंतज़ाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
चारधाम यात्रा बनी विश्वास और विकास की पहचान
चारधाम यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं के कारण इस बार यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य रही।
स्थानीय व्यापारियों, तीर्थ पुरोहितों और यात्रियों ने भी यात्रा प्रबंधन की सराहना की है।






