Haldwani Big News — अब 3 फरवरी को होगा ‘फैसले का दिन’ — 40 हजार आबादी के भविष्य पर टिकी देश की सर्वोच्च अदालत की निगाह


- बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण केस की सुनवाई टली, अब 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट करेगा निर्णायक सुनवाई* सुप्रीम कोर्ट में बनभूलपुरा पर आर-पार की लड़ाई
- रेलवे का 30 हेक्टेयर पर दावा, 3365 अतिक्रमण चिन्हित — हजारों परिवारों की किस्मत 3 फरवरी को तय होगी*
- बनभूलपुरा केस में फिर टला निर्णायक मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई अब 3 फरवरी तय की*
Haldwani:- उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत हल्द्वानी का सबसे संवेदनशील और बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद एक बार फिर फैसले से दूर चला गया है। इस मामले में पहले 10 दिसंबर को सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन कार्यसूची में स्थान न मिलने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने 16 दिसंबर की तिथि निर्धारित की थी।

अब सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ताज़ा जानकारी के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी तय की गई है, जिसका उल्लेख सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने अदालत में अपना पक्ष बेहद आक्रामक तरीके से रखते हुए करीब 30 हेक्टेयर रेलवे भूमि पर पूर्ण स्वामित्व का दावा दोहराया है। रेलवे के अनुसार इस क्षेत्र में 3365 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए जा चुके हैं, जहां वर्तमान में करीब 40 हजार लोगों की आबादी निवासरत है।
हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा यह प्रकरण अब कानूनी के साथ-साथ सामाजिक विस्फोट का रूप ले चुका है। ऐसे में 3 फरवरी को होने वाली सुनवाई को निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का रुख ही तय करेगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
फिलहाल पूरे हल्द्वानी और उत्तराखंड की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, जहां आने वाला फैसला इस बहुचर्चित प्रकरण की तस्वीर और तक़दीर दोनों बदल सकता है।






