रजत जयंती पर वीरता को सलाम: पूर्व सैनिक सम्मेलन में गूंजा उत्तराखण्ड का शौर्य, ₹5 लाख सहायता अनुदान की घोषणा


हल्द्वानी, नैनीताल।
उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी में आयोजित भव्य ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ में प्रदेश की वीरभूमि के सपूतों को नमन किया गया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का सम्मान कर उनके अमूल्य योगदान को याद किया गया। समारोह के दौरान सरकार की ओर से सैनिक कल्याण से जुड़ी कई ऐतिहासिक घोषणाएँ की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “देश की सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों का शौर्य, अनुशासन और त्याग ही राष्ट्र की असली ताकत है। उत्तराखण्ड की वीरभूमि ने हमेशा देश को अदम्य साहस और समर्पण से ओतप्रोत सपूत दिए हैं। सैनिकों का सम्मान और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
कार्यक्रम में की गई प्रमुख घोषणाएँ —
सैनिक कल्याण विभाग के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा।
हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय भवन और अधिकारी आवासों का निर्माण व पुनर्निर्माण होगा।
शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और युद्ध दिव्यांग सेवा मुक्त सैनिकों को मिलने वाली आवासीय सहायता राशि ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जाएगी।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं से मिला अपार स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री के लिए भावनात्मक क्षण रहा। उन्होंने कहा कि यह प्रेम और आशीर्वाद प्रदेश को निरंतर सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक बंसीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, राम सिंह कैरा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






